सलोनी तिवारी: नई दिल्ली में 5 मार्च 2025 को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आदर्श महिला-हितैषी ग्राम पंचायतों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक ऐसी ग्राम पंचायत स्थापित करना है, जो महिलाओं और लड़कियों के लिए अनुकूल हो।
इस सम्मेलन में 1500 से अधिक ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान महिला-हितैषी ग्राम पंचायतों के लिए वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम और एक निगरानी डैशबोर्ड का अनावरण किया गया, जो पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण की प्रगति को मापेगा।
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाएं
श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी दी और महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों से इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया।
प्रो. एसपी सिंह बघेल ने 770 आदर्श महिला-हितैषी ग्राम पंचायतों के चयन की घोषणा की, जहां नेतृत्व कौशल के विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने महिलाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन योजना जैसी योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
महिला नेतृत्व और विकास की दिशा में कदम
मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने कहा कि यह पहल महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देकर राष्ट्रीय विकास में उनकी भागीदारी को मजबूत करेगी। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की कार्यक्रम प्रमुख डॉ. दीपा प्रसाद ने ओडिशा, केरल और राजस्थान की सफल ग्राम पंचायत पहलों का उदाहरण देते हुए स्थानीय शासन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
8 मार्च को होगी महिला ग्राम सभा
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के अवसर पर 8 मार्च को देशभर में महिला ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। यह पंचायत स्तर पर लैंगिक समानता और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा।
इस सम्मेलन को महिला-केंद्रित से महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।