सलोनी तिवारी:– पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय: 01 अप्रैल 2025, नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) नई दिल्ली और इंस्टिट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स (I.A.S.), कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से “गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस (GCP) फॉर आयुर्वेदिक मेडिसिन” पर एक माह के ऑनलाइन प्रमाणपत्र कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम महार्षि चरक आयुर्वेद अनुसंधान एवं विकास योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में esteemed अतिथियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा (सचिव, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार) के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे:
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प्रो. संजीव शर्मा (कुलपति, NIA)
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प्रो. आर. एन. आचार्य (डायरेक्टर जनरल, CCRAS)
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प्रो. तनुजा नेसारी (निदेशक, ITRA)
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प्रो. सुजाता कदम (प्रभारी निदेशक, AIIA)
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प्रो. जी. एस. तोमर (चेयरपर्सन, महर्षि चरक योजना)
गुरु वंदना और उद्घाटन संबोधन
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना से हुई, जिसके बाद डॉ. शुभम पाण्डेय (प्रोजेक्ट डायरेक्टर,आई.ए.एस.) ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. सीमा द्विवेदी (राष्ट्रीय समन्वयक) ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और इंजी. अमित तिवारी (आईटी प्रमुख,आई.ए.एस.) ने कार्यक्रम की संरचना पर ई-प्रेजेंटेशन दिया।
मुख्य अतिथि पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा,
“गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस (GCP) का पालन करके हम आयुर्वेदिक अनुसंधान को विश्व स्तरीय वैज्ञानिक प्रमाणिकता प्रदान कर सकते हैं। इससे आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में मजबूती से स्थापित किया जा सकेगा।”
उन्होंने शोधकर्ताओं को साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने और आधुनिक वैज्ञानिक मानकों के साथ तालमेल बैठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
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एक माह की ऑनलाइन ट्रेनिंग (01 अप्रैल – 30 अप्रैल 2025)
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आयुर्वेदिक चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष सत्र
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GCP के विभिन्न तकनीकी एवं नैतिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी
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इंटरएक्टिव वर्चुअल सेशन और केस स्टडीज
समापन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. अवनीश भूषण पाण्डेय (आयोजन सचिव) ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सहभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
यह ऑनलाइन प्रमाणपत्र कार्यक्रम 30 अप्रैल 2025 तक चलेगा, जिसमें विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को GCP के सिद्धांतों की गहन जानकारी प्रदान करेंगे। इस पहल से आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों के अनुरूप वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में एक नई पहचान मिले।